Why is resting after delivery important? Learn about the downsides of not resting. (डिलीवरी के बाद रेस्ट क्यों जरूरी है): डिलिवर क बाद महिलाओ को रेस्ट करना उनकी शारेरीक सेहत क लिए बहुत अवस्यक होती है रेस्ट न करने से हेलथ मे अनेक से बुरा असर पढ़ते देखा गया है। आएये इस ब्लॉग के माधियम जाने इनके बारे मे।
Mother’s Care After Childbirth : प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को पर्याप्त रेस्ट करना यह बहुत पुरानी सुझाव है जैसे बहुत शारीरक श्रम न करना क्यू की गर्भ मे पल रहे शिशु की अच्छी तरह से विकास हो पाए तथा प्रेग्नेंट महिला का स्वास्थ्य भी बेहतर रहे।
Mother’s Care Before Childbirth : जैसे प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को पर्याप्त रेस्ट करना चाहिए वैसे ही बच्चा पैदा होने के बाद भी रेस्ट करना महिला के लिए उतना ही जरूरी है। ताकि जाजा ,बच्चा दोनों की सेहत ठीक रहे क्यू की आज के जमाने मे न्यूक्लियर फैमिली का कल्चर अधिक देखने को मीलता है इस कारण डिलीवरी के बाद रेस्ट नहीं कर पती।
डिलीवरी के बाद आराम क्यों सबसे ज़रूरी है ?
डिलीवरी के बाद माँ का शरीर दर्द से भरा और कमजोर होता है।इस समय माँ के शरीर को सबसे ज़रूरी आराम की ही आवश्यक होती है गर्भावस्था मे और प्रसव दौरान माँ ने बहुत ऊर्जा व्यय की होती है, और शरीर को खुद को ठीक करने के लिए शांत माहौल और अच्छी नींद की जरूरत होती है।
रेस्ट न करने से बढ़ती है थकान : रेस्ट न मिलने पर शरीर रिकवर होने मे अधिक समय लगाती है और ज्यादा थकान ,कमजोर लगता है, जिससे आगे कई और समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।
जटिलताओं का रिस्क : ये हमारी जानकारी मे होन चाहिए की अगर अगर डिलीवरी के बाद महिलाएं रेस्ट नहीं करती हैं तो शरीर सही मैंने मे रीस्पान्स नहीं करता है जैसे आम समय मे करता है साथ मे इस्तन पान भी करवाना रहेता है जिससे शिशु को प्रयापत मात्रा मे दूध मील सके अगर सही या निर्धारित समय तक रेस्ट न करने से उन्हें दूध का उत्पादन कम हो सकता है जिससे शिशु के गरौत के लिए सही नहीं है साथ साथ इंफेक्शन का जोखिम बढ़ सकता है।
रिकवरी में देरी : डिलीवरी के बाद महिलाएं रेस्ट नहीं करने से शरीर की हीलिंग पॉवर कमजोर हो जाती है। जिससे डिलीवरी के समय होने वाले शारीरक हानी को कवर करने मे अधिक समय लगता है साथ मे ही टाको की रिकवरी मे भी अधिक समय लगता है जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है इसलिए उन्हें डिलीवरी के बाद रेस्ट करने में जरा भी लापरवाही नहीं करनी चाहए।

पोस्टपार्टम लक्षणों में तेजी : पोस्टपार्टम लक्षणों यानि पोस्टपार्टम डिप्रेशन सही माइने मे समझे तो डिलीवरी के बाद रेस्ट न करने से ये लक्षण आस्कर देखा गया है क्यू की डिलीवरी के बाद महिलाओं मे फिजिकल, इमोशनल और मेंटल स्ट्रेस सामान्य रूप से बढ़ जाता है अगर सही तरीके ओर समय से रेस्ट न करे तो ये बहुत लंबे समय तक चल सकता है इसमे बहुत से दुष्परिणाम शिशु मे भी पढ़ते देखा गया है।
निष्कर्ष : सारी बातों को देखने से यह पता चलता है की सही समय तक रेस्ट करने की जरूरत होती है जिससे उनकी रिकवरी सही समय मे हो सके जिससे उन्मे मिल्क प्रोडक्शन की कमी न आए साथ ही पोस्पार्टम डिप्रेशन का शिकार होने से बच सके और डॉक्टर्स की सलाह लेके सही समय का मुयअना तथा रिकवरी मे बढ़त को महसूस करना जिससे शिशु और म के बीच मे एक स्टोरण बॉन्ड बन सके।